भोला बाबा गीत (कहमा से आवेला) Lyrics & Meaning | Shiv Bhajan
शिव जी का प्रसिद्ध “कहमा से आवेला आजन बाजन” भोला बाबा गीत के बोल (Lyrics) हिंदी और English (Hinglish) में पढ़ें। जानिए इस शिव भजन और नचारी का अर्थ।
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भोला बाबा गीत (कहमा से आवेला) | Shiv Bhajan Lyrics & Meaning
भगवान शिव (भोला बाबा) को प्रसन्न करने के लिए लोकगीतों और भजनों का विशेष महत्व है। सावन के महीने, महाशिवरात्रि, तीज, और गांव-मोहल्ले में होने वाली ‘शिव चर्चा’ में भोला बाबा के गीत बहुत ही श्रद्धा और उत्साह के साथ गाए जाते हैं।
“कहमा से आवेला आजन बाजन” एक बेहद ही मधुर और पारंपरिक भोला बाबा गीत है। इस गीत में भगवान शिव के आगमन, उनके सत्कार और उनके प्रिय भोजन का बहुत ही सुंदर ग्रामीण वर्णन किया गया है। अगर आप इस शिव भजन के बोल (Lyrics) खोज रहे हैं, तो नीचे हिंदी और अंग्रेजी (Hinglish) दोनों में इसके बोल और इसका अर्थ दिया गया है।
भोला बाबा गीत (कहमा से आवेला) हिंदी में
कहमा से आवेला आजन बाजन अउरे सजन लोग हे,
कहमा से आउतन महादेव मुठी में लऊंग लेले हे।
पूरब से आवेला आजन बाजन अउरो साजन लोग हे,
पश्चिम से अउतन महादेव मुठी में लऊंग लेले हे।
कहमा उतारव आजन बाजन अउरो साजन लोग हे,
कहमा उतारव महादेव मुठी में लऊँग लेले है।
दूखा उतारव आजन बाजन अउरो साजन लोग हे,
मड़वा उतारव महादेव मुठी में लऊंग लेले हे।
काई खिलाइब आजन बाजन अउरो साजन लोग हे,
काई खिलाइव महादेव मुठी में लऊँग लेले हे।
दाल भात खिलाइव आजन बाजन अउरो साजन लोग हे,
अउटल दुधवा महादेव मुठी लऊंग लेले है।
किया देई समाज आजन बाजन अउरो साजन लोग है,
किया देई समाज महादेव मुठी में लऊँग लेले हे।
अनधन समाजव आजन बाजन अउरो साजन लोग हे,
गउरा देई समाजव महादेव मुठी में लऊंग लेले हे।
गीत का अर्थ और भावार्थ (Meaning of the Song)
यह एक स्वागत (परछन) गीत है, जब महादेव (शिव जी) आते हैं। गीत में महिलाएं पूछती हैं कि यह गाजे-बाजे (आजन बाजन) के साथ सजन लोग कहां से आ रहे हैं? और मुट्ठी में लौंग (लऊंग) लिए हुए महादेव कहां से आ रहे हैं?
फिर उनके रुकने और भोजन की व्यवस्था की बात होती है कि इन मेहमानों को कहां ठहराया जाए और क्या खिलाया जाए। तब बताया जाता है कि महादेव और उनके साथ आए लोगों को दाल-भात और औटा हुआ (खूब उबला हुआ गाढ़ा) दूध पिलाया जाएगा, जो भोला बाबा को बहुत प्रिय है। अंत में अन्न-धन और माता गौरा (पार्वती) के साथ उनके समाज की बात की गई है।
Bhola Baba Geet Lyrics in English (Hinglish)
Kahama se aavela aajan baajan aure sajan log he,
Kahama se aautan mahaadev muthee mein laoong lele he.
Poorab se aavela aajan baajan auro saajan log he,
Pashchim se autan mahaadev muthee mein laoong lele he.
Kahama utaarav aajan baajan auro saajan log he,
Kahama utaarav mahaadev muthee mein laoong lele hai.
Dookha utaarav aajan baajan auro saajan log he,
Madava utaarav mahaadev muthee mein laoong lele he.
Kaee khilaib aajan baajan auro saajan log he,
Kaee khilaiv mahaadev muthee mein laoong lele he.
Daal bhaat khilaiv aajan baajan auro saajan log he,
Autal dudhava mahaadev muthee laoong lele hai.
Kiya deee samaaj aajan baajan auro saajan log hai,
Kiya deee samaaj mahaadev muthee mein laoong lele he.
Anadhan samaajav aajan baajan auro saajan log he,
Gaura deee samaajav mahaadev muthee mein laoong lele he.
भोला बाबा के नचारी | Bhole Baba Ke Nachari
नचारी भी भगवान शिव को समर्पित एक विशेष प्रकार का लोकगीत है, जो मुख्य रूप से मिथिलांचल और बिहार में गाया जाता है। इसमें शिव जी की गरीबी, उनके फक्कड़पन और माता पार्वती के साथ उनके घरेलू संवादों का वर्णन होता है।
नचारी के बोल (हिंदी):
मांगी मांगी लउलन शिव जी सुप भरल धान जी,
अजी कने गेल गउरा देई बनाव न रसोइया जी।
आग लावे गेली शिव जी पानी लावे गेली जी,
अजी खुललई में बसहा बइला खाई गेलय धान जी।
एही पर उकटवो गउरा नइहर महतारी जी,
अजी माई न सिखउलथून गउरा अकिल ज्ञान जी।
एही पर उकटवो शिव जी राउर ठाकुरबाड़ी जी,
अजी खाई के न अन्न शिव जी पिये के न पानी जी,
अजी बसहा बइला शिवजी बांधल दुआरी जी।
Nachari Lyrics (Hinglish):
Maangee maangee laulan shiv jee sup bharal dhaan jee,
Ajee kane gel gaura deee banaav na rasoiya jee.
Aag laave gelee shiv jee paanee laave gelee jee,
Ajee khulalee mein basaha baila khaee gelay dhaan jee.
Ehee par ukatavo gaura naihar mahataaree jee,
Ajee maee na sikhulathoon gaura akil gyaan jee.
Ehee par ukatavo shiv jee raur thaakurabaadee jee,
Ajee khaee ke na ann shiv jee piye ke na paanee jee,
Ajee basaha baila shivajee baandhal duaaree jee.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. भोला बाबा के गीत कब गाए जाते हैं?
भोला बाबा के गीत सावन के पवित्र महीने, महाशिवरात्रि, हरतालिका तीज, और विवाह के समय मटकोर या शिव चर्चा के दौरान गाए जाते हैं।
Q2. नचारी (Nachari) गीत क्या होता है?
नचारी भगवान शिव की भक्ति में गाए जाने वाले पारंपरिक लोकगीत हैं, जिनकी रचना मुख्य रूप से महाकवि विद्यापति ने की थी। इनमें शिव-पार्वती के दांपत्य जीवन का वर्णन होता है।
Q3. शिव जी को भोजन में क्या पसंद है?
लोकगीतों के अनुसार, शिव जी को सादा भोजन जैसे दाल-भात, औटा हुआ दूध, भांग, धतूरा और बेलपत्र अत्यंत प्रिय हैं।