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शिव जी का गीत: पांच ही वर्ष के हलन | Shiv Charcha Geet Lyrics & Meaning

शिव चर्चा में गाया जाने वाला बेहद सुंदर “पांच ही वर्ष के हलन” गीत के बोल (Lyrics) हिंदी और English में पढ़ें। जानिए इस शिव-पार्वती विवाह गीत का अर्थ और महत्व।

शिव जी का गीत: पांच ही वर्ष के हलन | Shiv Charcha Geet Lyrics & Meaning

शिव जी का गीत (पांच ही वर्ष के हलन) | Shiv Charcha Geet Lyrics

शिव चर्चा और भजन-कीर्तन में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के गीत बहुत ही श्रद्धा और भाव के साथ गाए जाते हैं। “पांच ही वर्ष के हलन बेटी गीरीजा” एक ऐसा ही पारंपरिक और लोकप्रिय शिव जी का गीत है, जिसमें माता पार्वती (गिरिजा) की कठिन तपस्या और भगवान शिव के वैरागी रूप का बहुत ही सुंदर वर्णन किया गया है।

अगर आप शिव चर्चा के लिए भोला बाबा का गीत लिखा हुआ (Shiv Charcha Geet Lyrics) ढूंढ रहे हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। नीचे इस मधुर गीत के बोल हिंदी और अंग्रेजी (Hinglish) दोनों में दिए गए हैं, साथ ही इसका अर्थ भी समझाया गया है।

शिव जी का गीत हिंदी में | Shiv Charcha Geet Lyrics in Hindi

(यहाँ से गाएं)

पांच ही वर्ष के हलन बेटी गीरीजा से नारद दिहलन श्राप – गे माई | घर छोड़िय गिरीजा वन चली गइलन धरी लेलन शीव पर ध्यान गे माई |

एक मास बितल दुई रे मास बितल बिती गेलयी बारह वर्ष गे माई | वन छोड़ीय गीरीजा ‘घर’ चली अइलन से विवाह के चर्चों ना चलय गे माई |

पुरुष खोजली बेटी पश्चिम खोजली से खोजी लेली मगध मुंगेर गे माई | कैलाश पर्वत पर एक वर मिलल सेहे हतन तपस्वी भीखारी गे माई |

जटा देखिये डेरइव बेटी गिरीजा से मभूति देखीये हृदय शलतों गे माई, से के शिव के जेवना जेमइतन गे माई |

जटा हुई मोरो लेखे झालर मालर मभूति हुई सिर के सेन्दुर गे माई, से हम शिव के जेवना जेमाइव गे माई |

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Shiv Charcha Geet Lyrics in English (Hinglish)

Paanch hee varsh ke halan betee geereeja se naarad dihalan shraap – ge mai |

Ghar chhodiy gireeja van chalee gailan dharee lelan sheev par dhyaan ge mai |

Ek maas bital duee re maas bital bitee gelayee baarah varsh ge mai |

Van chhodeey geereeja ghar chalee ailan se vivaah ke charchon na chalay ge mai |

Purush khojalee betee pashchim khojalee se khojee lelee magadh munger ge mai |

Kailaash parvat par ek var milal sehe hatan tapasvee bheekhaaree ge mai |

Jata dekhiye deriv betee gireeja se mabhooti dekheeye hrday shalaton ge mai,

Se ke shiv ke jevana jemitan ge mai |

Jata huee moro lekhe jhaalar maalar mabhooti huee sir ke sendur ge mai,

Se ham shiv ke jevana jemaiv ge mai.

गीत का अर्थ और भावार्थ (Meaning of the Song)

यह गीत माता पार्वती के बचपन और उनके शिव प्रेम को दर्शाता है। गीत में बताया गया है कि जब पार्वती जी (गिरिजा) मात्र पांच वर्ष की थीं, तब नारद मुनि की भविष्यवाणी (या श्राप) के बाद उन्होंने घर छोड़ दिया और भगवान शिव को पाने के लिए वन में घोर तपस्या करने लगीं।

महीने बीतते गए और उनकी तपस्या को बारह वर्ष पूरे हो गए। जब उनके विवाह की बात चली और हर जगह योग्य वर खोजा गया, तब कैलाश पर्वत पर भगवान शिव एक तपस्वी और भिक्षुक के रूप में मिले। उनके शरीर पर भस्म (मभूति) और सिर पर लंबी जटाएं थीं। लोग सोचने लगे कि ऐसी वेशभूषा वाले शिव को कौन अपनाएगा? लेकिन माता पार्वती ने पूरे मन से उन्हें स्वीकार किया और कहा कि उनके लिए शिव की जटाएं ही आभूषण (झालर मालर) हैं और उनकी भस्म ही उनका सिंदूर है।

विडियो के साथ सुनें (Watch the Video)

इस गीत की सही धुन और लय को समझने के लिए आप नीचे दिया गया वीडियो देख सकते हैं:

(Insert your YouTube Video Embed here)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. शिव चर्चा में कौन से गीत गाए जाते हैं?

शिव चर्चा में मुख्य रूप से भगवान शिव की महिमा, शिव-पार्वती विवाह, नंदी और भोलेनाथ के चमत्कारों से जुड़े पारंपरिक लोकगीत गाए जाते हैं।

Q2. यह शिव गीत किस अवसर पर गाया जाता है?

यह गीत मुख्य रूप से शिवरात्रि, सावन के महीने, और गाँव-मोहल्ले में होने वाली ‘शिव चर्चा’ के दौरान महिलाओं द्वारा समूह में गाया जाता है।

ऐसे ही अन्य पारंपरिक शिव जी के गीत, सोहर, और विवाह गीत पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट LokGeets.com से जुड़े रहें।

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